हमने जो की थी मोहब्बत

हमने जो की थी मोहब्बत

हमने जो की थी मुहब्बत वो आज भी है,
तुम्हारे जुल्फों के साये की चाहत आज भी है,
रात कटती है आज भी ख्यालों में तुम्हारे,
दीवानों सी हमारी वो हालत आज भी है,
किसी और के तसब्बुर को उठती नही,
इन बेईमान आँखों में थोड़ी सी शराफत आज भी है,
चाह के एक बार चाहे फिर छोड़ देना तुम,
दिल तोड़ तुम्हे जाने की इजाज़त आज भी है!!

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