हुस्न को शक्लें दिखानी आ गयी – नूह नारवी

हुस्न को शक्लें दिखानी आ गयी, शोख़ियाँ ले कर जवानी आ गयी, सर में सौदा दिल में दर्द आँखों में अश्क, बस्तियाँ हम को बसानी आ गयी, जो बिगड़ जाता था बातों पर कभी, अब उसे बातें बनानी आ गयी, दिल में लाखों दाग़ रौशन हो गए, इश्क़ को शमाएं जलानी आ गयी, बर्क़-ओ-बाराँ के जिलौ में बदलियाँ, साथ ले कर आग पानी आ गयी, ऐ दिल-ए-राहत-तलब हुश्यार-बाश, साअतें अब इमतिहानी आ गयी, दिल लगा कर फँस गए ज़हमत में हम, थीं बलाएँ जितनी आनी आ गयी, मुस्कुरा देना क़यामत हो गया, बिजलियाँ तुम को गिरानी आ गयी, डर रहे थे जिन से अर्बाब-ए-जहाँ, वो बलाएँ आसमानी आ गयी, ‘नूह’ वो कहते हैं फिर तूफ़ान उठे, क़ुव्वतें अब आज़मानी आ गयी!!

Read More

ना जाने मोहब्बत में

ना जाने मोहब्बत में कितने अफसाने बन जाते है, शमा जिसको भी जलाती है, वो परवाने बन जाते है, कुछ हासिल करना ही इश्क कि मंजिल नहीं होती, किसी को खोकर भी, कुछ लोग दिवाने बन जाते है!!

Read More

पत्थर जैसी दुनिया में

पत्थर जैसी दुनिया में दिल अपना लगा बैठे, कुछ ही दिनों में मीठे सपने सज़ा बैठे, रोकते थे पहले लोगों को इस आग से, अब खुद ही को इस आग में जला बैठे!!

Read More

होती है महसूस तेरी मौजूदगी

होती है महसूस तेरी मौजूदगी हर पल, तू हर वक्त मुझमें शुमार सा है, मेरे खुदा ने मुझको बख्शी हैं जितनी सांसें, उन सांसों का तू भी हिस्सेदार सा है!!

Read More

दिल अपने आप धड़कता है

दिल अपने आप धड़कता है, धड़काया नहीं जाता, ये राज़-ए-मोहब्बत हर एक को बताया नहीं जाता, अगर एहसास हो तो मोहब्बत को कर लो महसूस, ये वो जज़्बा है जो लफ़्ज़ों में समझाया नहीं जाता!!

Read More

बस खुशियाँ ही पाई हैं

बस खुशियाँ ही पाई हैं तेरे इश्क़ की छाव में, कई मंज़िलें पाई हमने इस इश्क़ की राहों में, एक प्यार तेरा पाकर लगता है पा लिया है सब कुछ, बस आख़िरी ख्वाहिश है दम निकले तेरी बाहों में!!

Read More