दर्द से हाथ न मिलाते तो और क्या करते

दर्द से हाथ न मिलाते तो और क्या करते,
गम के आंसू न बहाते तो और क्या करते,
उसने मांगी थी हमसे रौशनी की दुआ,
हम खुद को न जलाते तो और क्या करते!!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *