आप क्यों हमसे ‘खफा’ रहते हैं

आप क्यों हमसे ‘खफा’ रहते हैं,
रिश्ते पहले से कहं रहते हैं।

ज़िस्म है एक दिन तो ढलना था
दिल के जज़्बात जवां रहते हैं।

एे ज़िन्दगी कभी ले चल,
तू एक पल तो वहां,
मेरे सपने जहां पे रहते है।

हमने हर हसरतों को मारा है,
लोग फिर भी खफा से रहते हैं।

वो मेरे साथ मेरे पास तो है,
फिर भी क्यूं हम जुदा से रहते है।

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